Chinese smartphone companies stopped plans in india government investigation on xiaomi oppo | चौतरफा घिरीं चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियां, सरकार ने कसी नकेल, आप पर होगा ये असर

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Xiaomi, Oppo, Vivo और Realme जैसे चाइनीज ब्रांड्स भारतीय स्मार्टफोन बाजार में 80 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं. स्मार्टफोन इंडस्ट्री में मंदी और भारतीय जांच एजेंसियों की रेड का असर चाइनीज ब्रांड्स पर पड़ा है. ये कंपनिया भारत में अपने भविष्य को लेकर काफी आशंकित हैं.

चौतरफा घिरीं चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियां, सरकार ने कसी नकेल, आप पर होगा ये असर

संकट में हैं चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियां.

Image Credit source: TV9

आर्थिक मंदी की आशंका, घटती मांग और सरकारी जांच चीनी स्मार्टफोन ब्रांडों के लिए सिरदर्द का कारण बन रही हैं. इसका नतीजा यह है कि ये चाइनीज कंपनियां ना केवल पहले से ही कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं, बल्कि अगले साल के लिए अपने खर्च में भी कटौती कर सकती हैं. अगर ऐसा होता है, तो निश्चित रूप से भारत में इसका बड़ा असर देखने को मिलेगा. देश के स्मार्टफोन बाजार में Xiaomi, Oppo, Vivo और Realme सरीखे चाइनीज ब्रांड्स 80 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि ये कंपनियां इतनी मुसीबतों से क्यों घिरीं हुई हैं.

स्मार्टफोन ब्रांड अगले साल के लिए अपनी योजना और अनुमान अक्टूबर-नवंबर से शुरू करते हैं. हालांकि, भारतीय स्मार्टफोन इंडस्ट्री इस समय आर्थिक सुस्ती का सामना कर रही है. इसका नतीजा यह है कि चाइनीज ब्रांड्स अगले साल निवेश का कोई भी फैसला बेहद सोच-समझकर लेना चाहते हैं. इसलिए भारतीय यूजर्स को शानदार और किफायती स्मार्टफोन की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है.

इसलिए परेशान हैं चाइनीज फोन ब्रांड्स

  1. आर्थिक मंदी: भारतीय स्मार्टफोन बाजार में सुस्ती छाई हुई है. इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक IDC इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट नवकेंदर सिंह ने बताया कि चीनी कंपनियों में बहुत सारी अनिश्चितताएं हैं. कोई भी इस बात के लिए प्रतिबद्ध नहीं है कि अगले साल मार्केटिंग और डिस्ट्रिब्यूशन में किस तरह का निवेश होगा.
  2. सरकारी जांच: भारत में कई चीनी स्मार्टफोन ब्रांड जांच के दायरे में हैं. सरकारी एजेंसियां ​​शाओमी, ओप्पो और वीवो जैसी स्मार्टफोन कंपनियों की जांच कर रही हैं. सरकार की सख्ती का असर उनके कामकाज पर भी पड़ रहा है. उदाहरण के लिए, IDC इंडिया ने इस वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट में 8-9 फीसदी की गिरावट होने का अनुमान जताया है.
  3. छंटनी: पिछली कुछ तिमाही में भारत में कारोबार करने वाली चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियों ने अपने यहां छंटनी की है. ये कंपनियां खर्च कम करने के लिए छंटनी के रास्ते को अपना रही हैं. रैंडस्डैड इंडिया के संजय शेट्टी का कहना है कि इन कंपनियों ने 600-800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है.
  4. भारतीय ब्रांड्स को बढ़ावा: चीनी स्मार्टफोन कंपनियों को सरकार द्वारा भारतीय कंपनियों को प्रोत्साहन देना रास नहीं आ रहा है. भारत सरकार प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत भारतीय स्मार्टफोन कंपनियों को फोन मैन्यूफैक्चरिंग के लिए आर्थिक सहायता दे रही है. LAVA जैसे ब्रांड्स को इसका फायदा मिलेगा.
  5. रिटेलर्स: भारतीय स्मार्टफोन रिटेलर्स के लिए चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियां काफी मायने रखती हैं. भारत में सबसे ज्यादा चाइनीज फोन बिकते हैं, इसलिए रिटेल स्टोर भी सबसे ज्यादा शाओमी, ओप्पो जैसे ब्रांड्स के हैं. रिटेलर्स को कंपनियां इंसेंटिव देती हैं और अगर इंसेंटिव ही नहीं मिलेगा तो अगले कुछ सालों में 20-30 फीसदी रिटेल स्टोर्स कम हो सकते हैं.