Chandigarh News Haryana to cancel cases farmers call off blockade of Ambala Delhi highway Anil Vij | अंबाला हाइवे पर टला किसानों का प्रदर्शन, विज ने दी मुकदमा वापसी का आश्वासन

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गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बताया कि हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज के साथ मुलाकात के लिए पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में उनके अलावा प्रवक्ता राकेश बैंस, अंबाला यूनिट प्रधान मलकित सिंह आदि मौजूद रहे.

अंबाला हाइवे पर टला किसानों का प्रदर्शन, विज ने दी मुकदमा वापसी का आश्वासन

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज

Image Credit source: twitter @anilvijminister

भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने अंबाला दिल्ली हाईवे बंद करने के प्रस्ताव को होल्ड कर दिया गया है. हाईवे बंद करने से पहले किसान संगठन के प्रतिनिधियों की हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज के साथ मुलाकात हुई. इस मुलाकात में मंत्री विज ने किसान बिल के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मुकदमे वापसी का भरोसा दिया है. अनिल विज के आवास पर बुधवार को हुई बैठक के बाद यह जानकारी खुद संगठन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने दी. इसी के साथ उन्होंने हाईवे जाम के ऐलान को भी वापस ले लिया.

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बताया कि हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज के साथ मुलाकात के लिए पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में उनके अलावा प्रवक्ता राकेश बैंस, अंबाला यूनिट प्रधान मलकित सिंह आदि मौजूद रहे. इस बैठक में उन्होंने तीन कृषि बिल की वापसी के लिए हुए प्रदर्शन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने की मांग की. उन्होंने मंत्री को बताया कि सभी मुकदमे उसी समय दर्ज हुए थे, इसमें केंद्र सरकार ने भी आश्वासन दिया था. इसके जवाब में मंत्री ने बताया कि सरकार ने सभी मुकदमे वापस ले लिए हैं. उन्होंने बताया कि गृहमंत्री के बयान के बाद ही रोड ब्लाक का निर्णय वापस लिया गया है.

294 केस दर्ज हुए थे

कृषि बिल वापसी के लिए देश में किसानों ने प्रदर्शन करते हुए रोड जाम किया था. इसी क्रम में किसानों के खिलाफ केस भी दर्ज हुए थे. इनमें से 294 केस अकेले हरियाणा में दर्ज हुए थे. गृहमंत्री अनिल विज ने बताया कि इनमें से 163 मामलों को पहले ही वापस लिया जा चुका है. वहीं बाकी मामलों को भी वापस लेने के लिए सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि उनके विभाग ने इन मुकदमों की शीघ्र वापसी के लिए काम शुरू कर दिया है.

गंभीर मामलों की वापसी नहीं

गृहमंत्री ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए साफ तौर पर कहा है कि हत्या, रेप या अन्य जघन्य मामले जो उस दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज हुए थे, उनकी वापसी नहीं होगी. इस तरह के मामले में संबंधित किसानों को कोर्ट में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा. इस प्रक्रिया के दौरान केवल किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामले ही वापस लिए जाएंगे.

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सर छोटूराम की जयंती पर रैली

इस मौके पर गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने ने बताया कि पूर्व किसान नेता और सामाजिक कार्यकर्ता सर छोटूराम की जयंती पर मोहरा के अनाज मंडी में एक रैली का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस रैली का एक उद्देश्य किसान आंदोलन के दो साल पूरा होना भी है. उन्होंने बताया कि सरकार के पास लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए एक ज्ञापन भी दिया जाएगा.