AIIMS delhi online server is down from 30 hours, patients can follow this steps for treatment | एम्स का सर्वर 30 घंटे से ठप, अस्पताल पहुंच रहे मरीज ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

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एम्स के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र का ई-हॉस्पिटल सर्वर पिछले 30 घंटों से भी अधिक समय से बंद है. इसके वजह से ओपीडी, इमरजेंसी समेत अन्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही है.

एम्स का सर्वर 30 घंटे से ठप, अस्पताल पहुंच रहे मरीज ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

दिल्ली एम्स

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दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मरीजों के इलाज और अन्य प्रकार के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होने वाला राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र का ई-हॉस्पिटल सर्वर पिछले 30 घंटों से भी अधिक समय से बंद है. इसके वजह से ओपीडी, इमरजेंसी समेत अन्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही है. फिलहाल एम्स मैनुअल मोड पर काम कर रहा है. ऑनलाइन सेवाएं ठप होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ओपीडी से लेकर टेस्ट रिपोर्ट लेने और इमरजेंसी में इलाज कराने में समस्या हो रही है. जो लोग ओपीडी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं उनको भी अपॉइंटमेंट नहीं मिल पा रहा है, लेकिन हम आपको ऐसे कुछ तराके बताने जा रहे हैं जिससे आप बिना परेशानी के इलाज करा सकते हैं.

अगर आप एम्स में पहली बार ओपीडी में डॉक्टर को दिखाना चाहते हैं तो किसी भी ओपीडी काउंटर पर जाकर अपना ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

सुबह 8 बजे से 11 बजे तक रजिस्ट्रेशन हो जाता है.

पंजीकरण कराने के लिए आपके पास मोबाइल नंबर होना जरूरी है.

जबतक सर्वर नहीं चल रहा है इसी मोबाइल नंबर पर फोन या मैसेज के माध्यम से आपको सभी डिटेल मिलेगी.

ओपीडी में रजिस्ट्रेशन होने के बाद आपको काउंटर से एक स्लिप मिलेगी, जिसमें आपकी पूरी डिटेल और डॉक्टर का नाम वह डिपार्टमेट का नाम लिखा होगा.

इमरजेंसी में दिखाने के लिए सीधा आपको आपाताकालीन विभाग में जाना होगा और वहां में मौजूद डॉक्टर या अस्पताल का अन्य स्टॉफ मैनुअल तरीके से सारी जानकारी भरेगा.

अगर आप एम्स में फॉलोअप मरीज है और अपनी रिपोर्ट लेना चाहते हैं तो संबंधित विभाग में जाकर रिपोर्ट का पता कर सकते हैं. फिलहाल ऑनलाइन रिपोर्ट का कोई स्टेटस आपको नहीं मिलेगा. ऐसे में विभाग में जाकर ही पता करना होगा.

कैसे कराएं टेस्ट

अगर आपको अपना कोई टेस्ट कराना है तो उसके लिए एम्स ने अलग-अलग फॉर्म जारी किए हैं

सीरम सैंपल, ब्लड शुगर केयेलो फॉर्म भरा जाएगा

सीबीसी, पीए के लिए पींक फॉर्म

माइक्रोबायोलॉजी के लिए ब्लू फॉर्म

मैनुअल मोड के लिए अस्पताल ने जारी की हैं ये एसओपी

एम्स में मैनुअल मोड में काम करने के लिए पांच एसओपी जारी की गई हैं

अगर मरीज के एम्स का यूएचआईडी नंबर (Unique Health Identification Registration) है तो फोन नंबर की मरीज की पहचान होगी.

सभी मरीजों का डिसचार्ज और ट्रांसफल मैनुअल तरीके से होगा

जांच के लिए सिर्फ अरडेंट सैपलों की ही भेजा जाएगा, जिसके लिए मैनुअल तरीके से फॉर्म भरना होगा

मरीज का जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र भी मैनुअल तरीके से बनेगा.

दूसरा बैकअप आ रहा है काम

एम्स में मरीजों के डाटा का एक दूसरा बैकअप भी डेंटल एजुकेशन सेंटर में रहता है. इस डाटा पर सेंध लगने से बच गई है. एनआईसी की टीम ने इस बैकअप को नेटवर्क से काटा हुआ है. इससे मरीजों का डाटा डिलीट होने से बच गया है और पुराने मरीजों के रिकॉर्ड की सभी जानकारी अस्पताल के पास मौजूद है. मरीजों के डाटा का ये बैकअप शुरू हो गया है. फिलहाल इसमें कुछ घंटों का समय लग सकता है.

सफदरजंग अस्पताल में भी करा सकते हैं इलाज

अगर मरीज की हालत गंभीर है और एम्स में किसी तकनीकी खामी के कारण मरीज भर्ती नहीं हो पा रहा है तो सफदरजंग अस्पताल में भी जाकर इलाज करा सकते हैं. सफदरजंग अस्पताल में सभी सेवाएं चल रही हैं.

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